मानव जीवन पर टेक्नोलॉजी के प्रभाव

 

मानव की इस दुनिया में निर्मिति के

बाद से ही Technology का

निर्माण हुआ और उसके बाद

टेक्नोलॉजी में बहुत तेजी से

बदलाव आ रहे है।

 

कई लोगों का ये भी मानना है की

Covid-19 की वजह से टेक्नोलॉजी के बदलाव को

दोगुनी – चौगुनी रफ़्तार मिल रही है।

 

हमने सपने में भी ये नहीं सोचा होगा की

हमारे छोटे भाई बहनों को बिना स्कूल जाए

घर बैठे ही कंप्यूटर द्वारा शिक्षा प्राप्त करनी होगी।

 

यह भी पढ़े:- Artificial Intelligence क्या होता है?

 

मुझे लगता है की अचानक आए इस बदलाव के

कारण हम इन सब बातों को हजम नहीं कर पा रहे है।

 

tech-1

 

इस article के द्वारा मैं आप से

हमारे मानव जीवन पर होने वाले Technology के

प्रभाव एवं दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी साझा करने

का एक साधारण सा प्रयास कर रहा हूँ।

उम्मीद करता हूँ आपको यह Article पसंद आएगा।

 

 

टेक्नोलॉजी meaning in hindi….

 

(technology in hindi

टेक्नोलॉजी मीनिंग इन हिंदी)

 

टेक्नोलॉजी के हमारे जीवन पर होने वाले प्रभाव एवं

दुष्प्रभाव जानने से पहले यह जान लेते है की

आखिर ये टेक्नोलॉजी होती क्या है?

 

टेक्नोलॉजी क्या है समझाइए?

 

आसान शब्दों में कहा जाए तो जो भी

मानव द्वारा ही निर्मित है और

हमारे दैनिक जीवन को सुलभ बनाने में

मददगार है।

उसे टेक्नोलॉजी कहा जाता है।

 

उदहारण के तौर पर

पाषाण युग में हमारे पूर्वजों

द्वारा पहिया (Wheel) की खोज की गयी थी।

जिसका इस्तेमाल एक जगह से

दूसरी जगह पहुँचने में होता है।

जिससे हमारी जीवन प्रक्रिया

सुलभ हुई।

 

आइये जानते है।

हमारी जिंदगी पर इसके प्रभाव.

 

technology a boon or bane

technology a boom

benefits of technology

 

टेक्नोलॉजी के सकारात्मक प्रभाव:-

technology a positive impact in society

 

हमारे मानव जाति पर टेक्नोलॉजी के बहुत से सकारात्मक प्रभाव है,

जैसे की

 

a] बेहतर संवाद:-

 

मानव एक सामाजिक प्राणी है।

संवाद या कम्युनिकेशन ये मानव जीवन का

अभिन्न अंग है।

इसके बिना इंसानी दुनिया का

कोई वजूद नहीं होता।

 

क्या हम सोच सकते है की

कुछ बरस पहले हमे किसी से संवाद करने के लिए चिट्ठी

या पत्र का इस्तेमाल करना होता था।

जिसमें बहुत दिन और कुछ मामलों में

महीने बीत जाते थे।

 

उसके बाद अलेक्सांडर ग्रैहम बेल द्वारा

टेलीफोन का अविष्कार हुआ और

किसी से संवाद करना महीनो या दिनों

के बजाये चंद घंटो पर सिमित हो गया।

 

उसके कुछ वर्षों में ही मोबाइल का अविष्कार हुआ

और हमारी बातें घंटो से चंद मिनटों में ही होने लगी।

 

इसके बाद आज की JIO वाली पीढ़ी

की टेक्नोलॉजी आ गयी।

जहा दूर-दराज़ बैठे किसी व्यक्ति को

महज कुछ सेकंड्स में ही बात भी कर सकते है।

चाहो तो देख भी सकते है।

इसके साथ साथ सोशल मीडिया के द्वारा हम

उनसे हर वक़्त जुड़े रह सकते है।

 

b] जानकारी हाथो में :-

 

यह कोई बहुत पुरानी बात नहीं जब किसी जानकारी

को पाने के लिए आपको या तो स्थानीय लाइब्रेरी का या

तो किसी बुक-स्टोर का रुख करना पड़ता था।

जानकारी उस समय भी बहुत थी,

पर उसे हासिल करना बहुत मुश्किल था,

उसमे कुछ दिनों का समय लगता था।

 

कुछ समय बाद इंटरनेट का अविष्कार होने से

विकिपीडिया एवं कुछ अन्य वेबसाइट पर

यह जानकारी हासिल कर सकते थे।

उसमें कुछ घंटो का समय लगता था।

 

आज का जमाना है जहा कुछ सेकंड्स में आपके

उंगलियों पर पुरे विश्व की समस्त जानकारी

उपलब्ध है।

आज कुछ क्लिक्स में वेबसाइट तैयार होकर

publish भी हो जाती है।

जबकि एक समय ऐसा था जब

महीनों लग जाते थे एक

वेबसाइट बनाने के लिए।

 

इंटरनेट टेक्नोलॉजी के द्वारा आप कही पर भी

बिना किसी से पूछे पुरे एरिया का नक्शा (maps)

से जानकारी ले सकते है।

 

बहुत सी कंपनिया भी केवल इंटरनेट टेक्नोलॉजी की

मदद से ही व्यापार कर पा रही है।

अधिकांश लोग घर में बैठकर ही काम कर रहे हो

ये सब टेक्नोलॉजी की वजह से ही सम्भव है।

 

 

टेक्नोलॉजी के नकारात्मक प्रभाव:-

 

a] privacy issues:-

 

जहा हमने ऊपर इंटरनेट टेक्नोलॉजी द्वारा

हमारे उपयोग जाने थे।

उसीका सबसे बड़ा खतरा है

प्राइवेसी।

 

जहा हर चीज़ ऑनलाइन होती

जा रही है वही हमारा पर्सनल और अन्य

डेटा दांव पर लगा हुआ है।

कुछ कंपनिया हमसे हमारी जानकारी

मांग कर Dark- web पर सरेआम

बेच रही होती है।

 

हालही में आपने खबरों में सुना होगा की

Facebook और

भारत की सबसे ज्यादा स्मार्टफोन बेचने वाली

कंपनी Xiaomi (Mi) ने अपने ग्राहकों की

सेंसिटिव जानकारी को पब्लिक कर दिया था।

 

ये भी संभव हो सकता है की

जिस मोबाइल पर अपनी

ज़िन्दगी की सबसे महत्वपूर्ण जानकारी

हासिल कर रहे हो,

वो कोई और भी पढ़ रहा हो।

Back-doors द्वारा।

 

हालही में बैंगलोर के एक हैकर

ने बिटकॉइन टेक्नोलॉजी से सम्बंधित स्कैम

किया जिसमें बताया जाता है की राज्य सरकार के

मंत्री भी लिप्त थे।

 

b] प्रदुषण में बढ़ोतरी :-

 

जैसे जैसे टेक्नोलॉजी में उन्नति होती रहेगी,

लोग नए-नए संस्करण खरीदते रहेंगे।

जिससे डिमांड बढ़ेगी,  तो जाहिर सी

बात है प्रोडक्शन भी बढ़ेगा।

और फैक्ट्रीज में से प्रदुषण की

मात्रा ज्यादा होगी।

जिससे ग्लोबल वार्मिंग की

प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा

जो मानव जीवन के लिए खतरनाक

साबित हो सकती है।

 

इसके साथ ही पुरानी

टेक्नोलॉजी के कलपुर्जे जो

भंगार – कबाड़ हो चुके है,

वह मिट्टी में ठीक से घुलते

नहीं है, जो की वातावरण के

लिए बेहद घातक साबित हो सकता है।

 

 

सारांश:-

 

इस Article के माध्यम से

हमने देखा की एक तरफ

टेक्नोलॉजी मानवीय जीवन के

लिए कितनी उन्नत है,

वही दूसरी तरफ उसीके

के हमारे जीवन पर कई घातक

परिणाम है।

 

इसिलए ये निर्णय करना की टेक्नोलॉजी

हमारे लिए अच्छी है या बुरी बेवकूफी की बात है।

यह हम सभी पर निर्भर करता है, की हम उसका

उपयोग किस तरह से करते है।

धन्यवाद्….।

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