Rich Dad Poor Dad Summary in Hindi

 

 

 

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हालही में मुझे पर्सनल फाइनेंस से सम्बंधित

किताब पढ़ने का मन हुआ।

जिसके चलते मैंने

Robert Kiyosaki

द्वारा लिखित

Rich Dad Poor Dad

पढ़ने का प्रयास किया।

उसे मैंने समय लगाकर तीन दिनों में

पढ़कर ख़त्म किया।

 

आज इस Article के द्वारा पर्सनल फाइनेंस पर

लिखी गयी इस पुस्तक का सारांश प्रस्तुत करने का

प्रयास कर रहा हूँ।

 

यह भी पढ़े:- Cryptocurrency क्या होती है?

 

पुस्तक के सारांश से पूर्व हम संक्षिप्त में

लेखक Robert Kiyosaki के परिचय पर

प्रकाश डाल लेते हैं। 

 

 

Robert Kiyosaki:-

 

 

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रोबर्ट कियोसाकी अमेरिका के

Hawaii में जन्मे थे।

वे मूलतः जापानी हैं।

उनके पिता हवाई में गवर्नमेंट कर्मचारी थे।

फिलहाल रोबर्ट अमेरिका में लोगो को

Investment के पाठ पढ़ाते हैं।

वे एक बहुत ही सक्सेसफुल निवेशक भी हैं।

उन्होंने रिच डैड पुअर डैड

के अलावा भी कई बुक्स लिखी हैं।

 

Robert Kiyosaki books in Hindi:-

 

a) A गाइड to इन्वेस्टिंग

b) Cashflow Quadrant

c) इनक्रीस योर Financial IQ

नामक किताबें भी बहुत प्रसिद्ध हैं।

 

वे बहुत सी जगहों पर पर्सनल फाइनेंस के

विषय में चर्चा करते हैं एवं अपने अनुभव

लोगों के साथ साझा करते हैं।

 

रिच डैड पुअर डैड  इस किताब में लेखक ने

अपने पिता एवं उनके दोस्त माइक के पिता के

बीच के मानसिक सोच के फर्क

को दर्शाते हुए बहुत ही सरल तरीकों से

फाइनेंस से सम्बंधित चर्चा की हैं।

 

Rich Dad Poor Dad Summary in Hindi:-

 

 

जैसा की मैंने पहले बताया कि,

रोबर्ट के पिता एक सरकारी कर्मचारी थे,

वे एक साधारण सोच के व्यक्ति थे।

उसके विपरीत माइक के पिता थे

जो असाधारण सोच के व्यक्ति थे।

पुरी किताब का सार हैं कि

अमीर और गरीब में पैसों का फर्क

नहीं होता हैं ,

बल्कि फर्क सोच का होता हैं।

 

 

जहाँ एक मध्यमवर्गीय सोच ये होती हैं कि

पढ़ो लिखो, एक अच्छी नौकरी करो, शादी करो,

बच्चे करो और फिर उनकी जरूरतों को पूरा करते करते

खत्म हो जाओ।

और पुरी ज़िन्दगी,

खर्चो के लिए एक नौकरी पर ही

निर्भर रहो।

लेखक के रिच डैड (मतलब कि माइक के पिता)

का कहना हैं कि

जो चाहे वो करो पर सबसे पहले

Assets बिल्ड करने कि कोशिश करो।

 

 

Assets in Hindi:-

 

क्या होते हैं Assets?…

अधिकांश लोगों यही मानते हैं

कि बंगला एवं गाडी Assets का प्रतिक हैं,

यह एक मिथ्या हैं।

 

General में Assets वो होते हैं जो 

आपके Cash का flow बनाये रखे

और भी आसान भाषा में

आपके बटुए में पैसा डालें

नाकि निकाले।

 

फाइनेंस में स्टॉक्स, mutual फंड्स

बांड्स, डिजिटल गोल्ड, अभी हालफिलहाल में

क्रिप्टो ये सब एसेट्स का प्रकार हैं।

इनसे भी पहले खुदका बिज़नेस

या आज के समय में जिसे

Side-hustle कहा जाता हैं।

यह सब Assets का प्रकार हैं।

और बाकी जो बचा वो काले चोर ले गए 🙂

नहीं नहीं…..

मेरा मतलब था कि बाकी जो बचा

वह सब Liabilities का प्रकार हैं।

 

assets and liabilities in Hindi

 

तो आज के बाद घर, गाडी को

Assets के सेक्शन में मत रखियेगा।

इसीलिए Financial Literacy बहुत जरुरी हैं।

 

किताब से क्या सीखें।

 

वैसे तो इस किताब से बहुत कुछ सिखने लायक हैं

पर जो बहुत जरूरी हैं उसे यहाँ पर दे रहे हैं।

 

A) पैसो के लिए काम ना करें:-

जब लेखक 8-9 वर्ष के रहे होंगे

तो उनके कथित रिच डैड उन्हें अपने

स्टोर पर हर सप्ताहंत 3 घंटे काम

करने के लिए बोलते हैं।

उसके लिए उन्हें 10 सेंट्स/घंटे

मिलते थे।

कुछ महीने ये सिलसिला चला

पर लेखक एक दिन किसी

और त्रस्त कर्मचारी कि तरह

उनके पास जाकर अपने वेतन में

वृध्दि के लिए कहा।

जिसपर उनके रिच डैड ने

उनसे कहा कि

अमीर सोच वाले व्यक्ति कभी भी

पैसों के लिए नहीं बल्कि

सीखने के लिए काम करते हैं।

 

इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि

गरीब व्यक्ति भावनाओं में फैसले लेता हैं

जबकि अमीर सोच वाले व्यक्ति हमेशा

दिमाग से ही सोचते हैं।

 

पर जितना पैसों को धुतकारना गलत हैं

उतना ही गलत हैं पैसों से बेहद लगाव

लालची नहीं होना हैं और ना ही कंजूसी

से जीना हैं।

 

उन्होंने ये भी बताया कि भावनाओं के साथ साथ अपने

डर पे भी काबू होना बहुत जरुरी हैं।

एक संतुलित जीवन के लिए इन दो भावनाओं पर

विजय पाना जरुरी हैं।

 

  • डर 
  • अभिलाषा
  • इच्छा

 

 

B) Financial Literacy के बारे में पढ़े:-

 

लेखक के अनुसार,

हमेशा अपनी Balance-sheet में

Assets-Liabilities पर पारखी

नज़र बनाये रखें।

इन सब पहलुओं को नज़रअंदाज़ ना करें।

हमेशा अपनी

Assets के पलड़े को भारी रखने कि कोशिश करें।

 

हम आज ऐसे समय में जी रहे हैं

जहाँ Social-status मैंटेन करने के चक्कर में

हमारे Liabilities का पलड़ा भारी होता जा रहा हैं।

और उसीकी वजह से बात क़र्ज़ तक पहुँच जाती हैं।

हम हर छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए

लोन लेते जाते हैं ये

सोचकर कि सैलरी से चुकाते रहेंगे।

ऐसे परिस्थति में Financial Literacy बहुत जरुरी हैं।

लेखक यहाँ इकोनॉमिक्स और फाइनेंस के विषयों

में पीएचडी कि सलाह नहीं दे रहे हैं।

वे बस बेसिक्स या फाउंडेशन की बात कर रहे हैं।

 

जिस की सहायता से हम अपने खर्चो

को नियंत्रण में रखकर बहुत से

Assets को बिल्ड कर सकते हैं।

 

लेखक इस किताब में एक बात पर सबसे ज्यादा

emphasise करते हैं जो उनके रिच डैड ने उनसे कही थी

की,

 

Poor’s buy luxuries first whereas Rich buy luxuries last 

 

ये पंक्ति एक तरह से पुरी किताब का सारांश हैं।

साथ ही साथ वे cash-flow

क्रिएट करने पर भी जोर देते हैं।

new income sources

sources of income in Hindi

 

C) अपने Business पर ध्यान:-

 

लेखक कहते हैं की,

हमारा एजुकेशन सिस्टम

लोगों को अच्छे कर्मचारी बनने के लिए

तैयार करता हैं।

और आप ज़िन्दगीभर दूसरों के

business पर ध्यान देते हैं।

और दूसरे को अमीर बनाते हैं।

 

इसीलिए वे हमेशा कहते हैं जो उनके

रिच डैड हमेशा उनसे कहते थे।

Mind your own Business

 

मैं क्या सीखा?

 

मुझे लगता हैं की इस किताब के जरिये

रोबर्ट कियोसाकी हमें यह सिखाना चाहते हैं

की अपने income-sources (Assets) पर ध्यान दें

और साथ ही साथ अपने खर्चो (Liabilities) को

नियंत्रण में रखें।

साथ ही पैसों को और अच्छे से जाने

उससे दोस्ती करें।

 

साथ ही अपने इच्छा और डर

जैसी भावनाओं के दबाव में

आकर कोई भी वित्तीय फैसला ना

लें।

 

और साथ ही साथ अपनी सोच को

I can’t Afford it से

How can I Afford it?

तक बदलना हैं।

ये भी मैं इस किताब से सीखा।

 

धन्यवाद्…!

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