भारतीय संविधान दिवस – निबंध – 2021

 

अभी हालही में 26 नवंबर 2021 को

भारतीय संविधान दिवस के रूप में मनाया गया।

यह 71 वां दिवस था।

आइए हम जान लेते है हमारे भारतीय संविधान के बारे में।

 

 

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संविधान का परिचय:-

 

भारतीय संविधान एक प्रकार का दस्तावेज है जिसमें

भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का एक ढांचा है।

जिसमें हर एक व्यक्ति के देश के प्रति अधिकार,

कर्तव्यों हमारी भारत सरकार के विभिन्न

कार्यों का उल्लेख किया गया है।

 

सरल शब्दों में कहा जाए तो

भारत सरकार, एवं नागरिको के

देश के प्रति कर्तव्यों , उनके अधिकारों का

लेखा जोखा है।

 

भारत में प्रधानमंत्री से

लेकर राष्ट्रपति किसी को भी

संविधान के नियमों का उल्लंघन

करने की अनुमति नहीं होती है।

 

हर वर्ष, हम 26 जनवरी को

गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते है।

इसी दिन वर्ष 1950 में हमारा

संविधान लागू किया गया था।

 

हालांकि डॉ बाबासाहेब आंबेडकरजी

को भारतीय संविधान का पिता (रचयिता)

माना जाता है।

इनके साथ साथ 299 लोगों का भी

योगदान काबिले तारीफ़ था।

 

संविधान का प्रारूप:-

 

भारतीय संविधान दुनिया का सबसे

विस्तृत (लम्बा) संविधान मन जाता है।

इसमें करीब 448 आर्टिकल्स है जिसे

25 पार्ट्स साथ ही 12 (schedules)

में विभाजित किया गया है।

 

हमारे देश में बहुत से धर्म,

संस्कृतियाँ है।

हमारा देश बहुदा विविधताओं का

देश है।

इसी वजह से प्रारूप तैयार करते वक़्त

हर बारिकीयों पर ध्यान देना

आवश्यक था।

 

इसके अलावा हमारे संविधान में

बहुत से बदलाव किए गए है।

समय के साथ साथ

बहुत से कानूनों को हटाया

और जोड़ा भी गया है।

इसी का नतीजा है की

भारतीय संविधान विश्व

का सबसे ज्यादा लम्बा

संविधान कहलाया जाता है।

 

संविधान में बदलाव :-

 

हमारे संविधान की ख़ास बात ये है की

अगर कोई राजनैतिक पार्टी के पास बहुमत हो तो

वो संविधान में बदलाव के पात्र है पर ये बदलाव

इतना आसान भी नहीं होता है।

 

किसी भी हालत में

भारतीय संविधान के

बुनियादी प्रारूप में बदलाव

नहीं किए जा सकते है।

साथ ही बदलाव करते वक़्त

ध्यान रखना होता है।

 

एक तरफ हमारा संविधान बदलाव के लिए

तैयार होता है तो दूसरी तरफ अपने बुनियादी ढाँचे को

भी सुरक्षित रखना चाहता है।

 

संविधान का  मसौदा :-

 

हमारा संविधान गवर्नमेंट एक्ट ऑफ़ 1935 

और साथ ही साथ 10 देशो के संविधान की कुछ

विशेषताएं लेकर बनाया गया है।

 

जैसे की,

 

ब्रिटैन 

आयरलैंड 

यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका 

कनाडा 

ऑस्ट्रेलिया 

रूस 

फ्रांस 

जर्मनी 

साउथ अफ्रीका 

जापान 

 

भारतीय व्यवस्था  की सबसे जानी मानी

डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ़ स्टेट पालिसी (DPSP) को

आयरलैंड के संविधान से लिया गया है।

 

भारत के संविधान की प्रस्तावना को

USA के संविधान से लिया गया।

भारतीय नागरिकों के

मौलिक अधिकारों (fundamental rights)

को भी USA के संविधान से लिया गया है।

 

साथ ही भारतीय नागरिको के

मौलिक कर्तव्य (fundamental duties)

Russia के संविधान से प्रेरित है।

 

dual governance:- 

 

भारत के संविधान में सरकार चलाने हेतु

ड्यूल गवर्नेंस का इस्तेमाल किया जाता है।

ड्यूल गवर्नेंस का अर्थ है

दो तरह के गवर्नेंस

एक है फ़ेडरल गवर्नेंस

और दूसरा unitary गवर्नेंस

 

एक केंद्र सरकार और साथ ही

राज्य सरकार भी होती है।

इसे कहा जाता है

ड्यूल गवर्नेंस।

 

लोकतंत्र:-

 

भारतीय संविधान लोकतंत्र के नियमों पर आधारित है।

संविधान लोगों द्वारा बनाया गया है।

लोगों के लिए बनाया गया है।

सबसे बड़ी बात भारतीय नागरिकों

के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया है।

 

लोकतंत्र का मतलब है

जहा पर लोगों को

अपनी बातें रखने का

अधिकार है।

सत्ता के किसी भी

फैसले का साथ या विरोध करने के

अधिकार को ही लोकतंत्र कहा जाता है।

 

 

संविधान की प्रस्तावना:-

 

 

संविधान की प्रस्तावना ही

पुरे संविधान का दिल है।

हर विद्यार्थी की पुस्तकों के

पहले पन्ने पर संविधान की

प्रस्तावना चिन्हित है।

 

यह प्रस्तावना संविधान का एक

तरह से संक्षिप्त विवरण है,

सारांश है।

 

इसमें धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक,

सबके प्रति सामान न्याय जो की

आज के समय में दुर्लभ है, भाईचारा

समानता, लोकतंत्र के बारे में

रेखांकित किया गया है।

 

भारत के युगों युगों तक विकास

के पथ पर चलने हेतु संविधान का

बहुत बड़ा योगदान रहेगा।

भारतीय परम्परा एवं संस्कृति के

रक्षण हेतु संविधान जरुरी

माध्यम है।

 

धन्यवाद्…..!!!

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