India में गहराया Blackout का संकट…

 

 

रोजमर्रा जीवन की आवश्यक वस्तुओ में शुमार

बिजली, प्रकाश , ऊर्जा का भारत में संकट गहराया है।

इससे पहले चीन में भी यह संकट गहरा चूका है।

वे भी इस संकट से झूझ रहे है।

 

coal shortage in india

coal shortage news

coal shortage crisis

coal shortage and electricity

coal shortage article

 

 

भारत के अधिकतम राज्यों में कोयले के आवंटित

ब्लॉक्स में कोयला पूर्ति में आये खलल के चलते

राज्यों ने Power-crisis की ओर इशारा कर दिया है।

जिसके तहत केंद्र से लेकर राज्य सरकारों के दफ्तरों में बैठकों का दौर चल पड़ा है।

 

बैठकों का एक ही मकसद देशभर में बिजली की निरंतर आपूर्ति है।

भारत के प्रधान मंत्री,गृह मंत्री एवं सम्बंधित मंत्रालय इस संकट पर अपनी नज़रे बनाये हुए है।

यह विद्युत विभाग को कोयले पूर्ति में अभाव के चलते संकट गहराया है।

 

L-1

 

 

भारत में Delhi, Punjab, एवं Chattisgarh

जैसे राज्यों की सरकार ने केंद्र को सबसे पहले इस संकट के बारे में

चेताया था।

 

क्यों गहराया बिजली संकट?…

 

 

bb-coal-1

 

 

  • राज्य सरकारों ने केंद्र-सरकार की नोटिस को अनदेखा किया उसपर ध्यान नहीं दिया

 

  • नोटिस के अनुसार, केंद्र-सरकार ने कोयले के आवंटन के लिए बताया था।

 

  • Coal-producing states जैसे ओडिशा , झारखण्ड एवं पश्चिम-बंगाल

 

  • में जरुरत से ज्यादा बारिश ने इस संकट की आग में घी का काम किया।

 

  • Coal-India के साथ कुछ राज्य सरकारों का बिल बकाया था

 

  • जिससे भी कोयले की समय पर पूर्ति नहीं हो पायी और बिजली का

 

  • निर्माण कार्य रुक गया और बिजली का संकट गहराया।

 

  • Imported-coal  की कीमतों का अचानक बढ़ जाना

 

  • एक प्रमुख कारण रहा है।

 

यह भी पढ़े :- भारत में Startups कैसे शुरू करें?

 

उपर्युक्त परिस्थितियों के कारण

कुछ राज्य सरकारों ने चेताया है की,

वे अपने राज्य में बहुत देर तक की load-shedding करने के लिए मजबूर है।

वही केंद्र-सरकार ने राज्य सरकारों को फटकार लगाई है,

की कोई भी मुनाफे के चलते महंगे-दामों में बिजली नहीं बेचेगा।

अगर कोई राज्य सरकार ऐसा करते पायी

तो उसकी बिजली-पूर्ति को अस्थायी रूप से काम कर दिया जायेगा,

या जिस भी राज्य को जरुरत है उसे दे दिया जायेगा।

 

इसी बीच महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत का कहना है की

महाराष्ट्र में बिजली की आपूर्ति सही-ढंग से चलती रहेगी।

बिजली-संकट को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार

लगभग 250 करोड़ में बिजली खरीदने के प्रस्ताव को पारित कर रही है।

 

बारिश एवं अन्य कारणों के चलते Coal-India के

कोयले के निर्माण को बहुत नुकसान हुआ था।

जहां Coal-India एक समय प्रतिदिन 40 लाख मेट्रिक टन

कोयला निर्माण करता था वह गिरकर 22 लाख मेट्रिक टन हो गया था।

अब यह आंकड़ा बढ़कर 27 लाख मेट्रिक टन हो चूका है।

Coal-India के अधिकारियो का कहना है की

बहुत ही जल्द ये आंकड़ा पहले की तरह हो जायेगा।

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!