किसान बिल और उससे जुड़े घटनाक्रम…..

 

 

जैसा की आप जानते है,

भारत एक कृषि- प्रधान देश है।

इसी भारत के अन्नदाता किसान सालभर से,

केंद्रसरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानून

जिन्हे वे एक प्रकार की ज्यादती समझते है,

उसके खिलाफ आंदोलन कर रहे है।

 

 

 

man-1

 

 

 

 

कुछ असामाजिक तत्व राजनीती एवं

अन्य मांगो  की रोटियां भी सेक रहे है।

वे भी किसानों को कानूनों के खिलाफ कर रहे है।

इससे पहले हम इसमें आगे बढे तीनों कानूनों को संक्षिप्त में जान लेते है।

 

किसान क़ानून संक्षिप्त में:-

 

इस कृषि विधेयक जिसे (Farmer Bill 2020) भी कहा जाता है।

जानते है उसके बारे में संक्षिप्त में,,

farm bill 2020

kisan bill 2020

3 farm bills

 

 

  • इस Bill की सहायता से किसान अपने उत्पादन को APMC’s ( उपज मंडी) के बाहर बेचने में आजाद रहेंगे।
  • वे अपने राज्य के अलावा दूसरे- राज्य में भी कृषि व्यापार कर सकेंगे।
  • किसानो को अपने उत्पाद देश में कही भी बेचने का प्रावधान होगा।
  • आलू एवं प्याज़ इत्यादि खाद्यान्न को आवश्यक वस्तुओं की सूचि से बाहर कर दिया गया है।
  • इस विधेयक में किसान किसी भी निजी संस्थानों से करार करके
  • अपने उत्पाद उन संस्थानों को भी बेच सकते है।
  • MSP (Minimum Support Price) का
  • इस कानून में कही उल्लेख नहीं किया गया है।

 

MSP (Minimum Support Price) का विधेयक में

समावेश ना होने की वजह से ही

भारतीय किसान आंदोलन का रूख ले चुके है।

 

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हिंसक प्रदर्शन:-

 

किसान आंदोलन प्रमुखतः हरियाणा, पंजाब, दिल्ली एवं उत्तर-प्रदेश में हुए है ,

अब भी चल रहे है।

 

Delhi:-

farmer violence in delhi

delhi farmers protest violence

 

इसी के चलते इसी साल के शुरुआत में किसानों ने Delhi में कब्ज़ा जमाया था।

उसी के बाद 26 January 2021 को दिल्ली के लाल-किले पर

आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया था।

Tractors से बड़ी तादाद में किसानों ने हिंसात्मक प्रदर्शन किये।

जिसके बाद Delhi-Police ने 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था।

 

Lakhimpur-kheri:-

 

हालही में 4th अक्टूबर 2021 को उत्तर-प्रदेश के लखीमपुर-खीरी में

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा एक आंदोलन सभा के दौरान

BJP कार्यकर्ताओं एवं किसानों में मुठभेड़ हुई है।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री Ajay-Mishra के बेटे Ashish-Mishra,

द्वारा बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य में

किसानों को गाड़ी से रौंद दिया गया।

जिसमे कुछ किसानों की मौत हो गयी एवं कुछ घायल होने की बात भी कही गयी।

एक-हफ्ते की पूछताछ एवं कड़ी कार्रवाई के बाद

आज 11th October 2021, को

मुख्य Culprit Ashish Mishra को

UP-Police ने 3-दिन की custody में भेज दिया गया।

 

Lakhimpur-kheri:-

 

lakhimpur kheri case in hindi

lakhimpur kheri violence

 

जैसे ही लखीमपुर-खेरी की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी,

वहाँ जैसे मंत्रियो का ताता ही लग गया।

प्रियंका गाँधी, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी,

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राहुल गाँधी

एवं अन्य नेता लखीमपुर में पीड़ितों से मिलने एवं घटना 

का जायजा लेने पहुंचे।

इस काल में  UP-Police ने कई बार नेताओं को हिरासत में लिया।

प्रियंका गाँधी को तो Guest-house में नज़रबंद किया गया था।

 

महाराष्ट्र बंद:-

 

लखीमपुर-खीरी की हिंसा को ध्यान में रखते हुए,

महाराष्ट्र की Maha-vikas-Aghadi सरकार ने आज

11th October को महाराष्ट्र बंद का आव्हान किया गया था।

इस दौरान भी मुंबई, पुणे एवं ठाणे से

कुछ तोड़फोड़ की घटनाओं की खबरें सुनाई दी है।

इसी अवधि में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने

शहर-शहर में Bike-rally का आयोजन किया।

जहाँ सरकार ने बंद को 100% सफल माना वही

BJP के कार्यकर्ताओं ने इसका पुरजोर विरोध किया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री Ajay-Mishra के इस्तीफे की भी

कई बार मांग उठती रही है।

 

कृषि-बिल की वापसी:-

 

19/11/2021 के दिन एक प्रेस वार्ता में

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने

कहा की

आने वाले संसद के शीत सत्र में

तीनो कृषि कानूनों को वापिस लिया जाएगा।

 

जिस पर ख़ुशी जाहिर करते हुए

किसान मोर्चा के राकेश टिकैत ने इसे किसानों के

हित में अहम फैसला करार दिया है।

 

बता दे की संसद में पारित किये गए

कानून को वापिस लेने का प्रावधान

दिया गया है।

 

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